हर ऑफिस, सोसाइटी, दुकान और स्कूल की दीवार पर एक लाल सिलेंडर टंगा होता है। उसे अंग्रेज़ी में fire extinguisher और हिंदी में अग्निशामक यंत्र कहते हैं। ज़्यादातर लोग उसके पास से रोज़ गुज़रते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि उसके अंदर क्या भरा है, वह किस आग पर काम करता है और किस पर नहीं, और आग लगने पर उसे चलाना कैसे है।
इस गाइड में हम आसान हिंदी में समझाते हैं कि fire extinguisher क्या होता है, भारत में इसके कितने प्रकार हैं, कौन-सा extinguisher किस आग के लिए है, इसे इस्तेमाल करने का PASS तरीका, और घर, दुकान या सोसाइटी के लिए कौन-सा खरीदना चाहिए। हर जगह भारतीय मानक IS 2190 और IS 15683 के हिसाब से बात की गई है, जो fire NOC के समय इंस्पेक्टर देखता है।

Fire extinguisher का मतलब (meaning in Hindi)
Fire extinguisher का हिंदी अर्थ है अग्निशामक यंत्र, यानी आग बुझाने का यंत्र। “अग्नि” मतलब आग और “शामक” मतलब शांत करने वाला। यह एक दबाव वाला सिलेंडर होता है जिसमें आग बुझाने वाला पदार्थ (पाउडर, गैस, फोम या पानी) भरा होता है। लीवर दबाने पर वह पदार्थ नोज़ल से तेज़ी से बाहर निकलता है और आग को या तो ठंडा करता है, या उसकी ऑक्सीजन काट देता है, या जलने की रासायनिक प्रक्रिया को तोड़ देता है।
यह छोटी आग के लिए है, जैसे कूड़ेदान, कढ़ाई, मोटर, स्विचबोर्ड या एक मशीन की आग। अगर आग छत तक पहुँच गई है या कमरा धुएँ से भर रहा है, तो extinguisher का समय निकल चुका है; दरवाज़ा बंद करके बाहर निकलें और 101 या 112 पर फ़ोन करें।
आग के प्रकार (Class of fire) पहले समझें
Extinguisher इस हिसाब से चुना जाता है कि क्या जल रहा है। भारतीय मानक IS 2190 आग को पाँच वर्गों में बाँटता है:
- Class A, ठोस पदार्थ: लकड़ी, कागज़, कपड़ा, प्लास्टिक, कूड़ा, फर्नीचर। घर, स्कूल और गोदाम की सबसे आम आग।
- Class B, ज्वलनशील तरल: पेट्रोल, डीज़ल, पेंट, थिनर, तेल। गैरेज, पेट्रोल पंप, जनरेटर रूम।
- Class C, ज्वलनशील गैस: LPG, PNG, CNG, एसिटिलीन। ध्यान दें, भारत में Class C का मतलब गैस है; अमेरिका में Class C का मतलब बिजली की आग होता है, इसलिए इंटरनेट पर उलझन होती है।
- Class D, धातु: मैग्नीशियम, सोडियम, एल्युमिनियम पाउडर। सिर्फ़ खास फैक्ट्रियों में।
- Class F, खाना पकाने का तेल: कढ़ाई, फ्रायर, घी, तंदूर का तेल। होटल और रेस्टोरेंट की रसोई।
- बिजली की आग (electrical): भारत में यह अलग class नहीं है। हर extinguisher के लेबल पर लिखा होता है कि वह चालू बिजली के उपकरण पर सुरक्षित है या नहीं। CO2, clean agent और ABC पाउडर सुरक्षित हैं; पानी और फोम नहीं।
Fire extinguisher कितने प्रकार के होते हैं?
भारत में सात प्रकार आम हैं। हर एक का काम और सीमा अलग है।

1. ABC ड्राई पाउडर (DCP) extinguisher
सबसे ज़्यादा दिखने वाला लाल सिलेंडर। इसमें मोनो अमोनियम फॉस्फेट पाउडर (MAP) भरा होता है, जिसे नाइट्रोजन गैस के दबाव से बाहर फेंका जाता है। “ABC” का मतलब है कि यह Class A, B और C तीनों आग पर काम करता है और बिजली के उपकरण पर भी सुरक्षित है। घर, दुकान, ऑफिस, स्कूल, सोसाइटी और गाड़ी के लिए यही सबसे सही है। ABC extinguisher 1 kg (कार), 2 kg (घर), 4 kg और 6 kg (ऑफिस, सोसाइटी) और 9 kg (फैक्ट्री) में मिलता है। कमी बस एक है: पाउडर हर जगह फैल जाता है, इसलिए सर्वर रूम में इसे नहीं रखते।
2. CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड) extinguisher
इसमें तरल CO2 गैस ऊँचे दबाव पर भरी होती है। चलाने पर बर्फ़ जैसी सफ़ेद गैस निकलती है जो आग से ऑक्सीजन हटा देती है। कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए बिजली के पैनल, मीटर रूम, UPS, सर्वर रैक और जनरेटर के पास यही लगाते हैं। Class B और बिजली की आग के लिए रेटेड है, Class A (कागज़, लकड़ी) के लिए नहीं। CO2 extinguisher 2 kg और 4.5 kg में आता है। ध्यान रखें: चलाते समय हॉर्न (चोंगा) को हाथ न लगाएँ, वह इतना ठंडा हो जाता है कि चमड़ी चिपक सकती है।
3. फोम (AFFF) extinguisher
पानी में फोम केमिकल मिला होता है। फोम जलते हुए तेल या पेट्रोल के ऊपर परत बनाकर उसकी भाप को रोक देता है। पेट्रोल पंप, गैरेज, पेंट की दुकान, डीज़ल स्टोर के लिए। Class A और B पर काम करता है, बिजली के उपकरण पर कभी नहीं। फोम extinguisher 9 लीटर पोर्टेबल और 25 से 100 लीटर ट्रॉली में मिलता है।
4. वॉटर (पानी) extinguisher
सबसे पुराना और सबसे सस्ता। कागज़, लकड़ी, कपड़े की आग (Class A) को ठंडा करने में पाउडर से बेहतर। कागज़ के गोदाम, कपड़ा स्टोर, लाइब्रेरी, स्कूल के लिए। तेल और बिजली की आग पर पानी वाला extinguisher कभी न चलाएँ।
5. क्लीन एजेंट (clean agent) extinguisher
इसमें HFC-236fa जैसी गैस भरी होती है जो आग बुझाकर पूरी तरह उड़ जाती है, कुछ भी पीछे नहीं छोड़ती। Class A, B, C और बिजली, चारों पर काम करता है, इसलिए सर्वर रूम, डेटा सेंटर, अस्पताल, लैब और कंट्रोल रूम में clean agent extinguisher लगाया जाता है। पाउडर से महँगा है, इसलिए वहीं लगाते हैं जहाँ उपकरण कीमती हों।
6. वेट केमिकल (K-type) kitchen extinguisher
होटल और रेस्टोरेंट की रसोई के लिए। कढ़ाई या फ्रायर के जलते तेल पर यह घोल साबुन जैसी परत बना देता है जिससे आग दोबारा नहीं भड़कती। पाउडर से तेल की आग एक सेकंड के लिए बुझती है और फिर भड़क जाती है; पानी डालने से तेल उछलता है। Class F और A के लिए। Fire NOC में अब ज़्यादातर शहरों में कमर्शियल रसोई के लिए K-type extinguisher माँगा जाता है।
7. लिथियम-आयन बैटरी extinguisher
सबसे नया प्रकार। इलेक्ट्रिक स्कूटर, EV चार्जर, लैपटॉप बैंक, इन्वर्टर की लिथियम बैटरी की आग पाउडर और CO2 से सिर्फ़ दबती है, बुझती नहीं, क्योंकि बैटरी खुद ऑक्सीजन बनाती है। लिथियम extinguisher का एजेंट बैटरी को ठंडा करके उस पर परत बना देता है। सोसाइटी के बेसमेंट में EV चार्जर है तो उसके पास यही लगना चाहिए।
साथ में: मॉड्यूलर (ceiling) extinguisher और फायर बॉल
मॉड्यूलर extinguisher छत पर लटकता है और लगभग 68 °C पर अपने आप फट कर पाउडर या clean agent छोड़ता है। जनरेटर रूम, इलेक्ट्रिकल रूम, स्टोर रूम में, जहाँ रात में कोई नहीं होता। फायर बॉल भी ऐसे ही काम करती है, छोटे पैमाने पर। ये दोनों पोर्टेबल extinguisher के साथ लगते हैं, उसकी जगह नहीं।
एक नज़र में: कौन-सा extinguisher किस आग के लिए
| Extinguisher | किस आग के लिए | किस पर नहीं | अवशेष | साइज़ |
|---|---|---|---|---|
| ABC पाउडर | A, B, C, बिजली | खाने का तेल, धातु | पाउडर | 1, 2, 4, 6, 9 kg |
| CO2 | B, बिजली | कागज़-लकड़ी (A) | कुछ नहीं | 2, 4.5 kg |
| फोम | A, B | बिजली, खाने का तेल | फोम | 9 L; 25 से 100 L ट्रॉली |
| वॉटर | A | बिजली, तेल, तरल | पानी | 9 L |
| क्लीन एजेंट | A, B, C, बिजली | खाने का तेल, धातु | कुछ नहीं | 2, 4, 6 kg |
| वेट केमिकल (K) | F, A | बिजली, तरल | साबुन जैसी परत | 2 से 9 L |
| लिथियम-आयन | बैटरी, A | तरल, गैस | बहुत कम | 2 से 9 L |
Fire extinguisher कैसे इस्तेमाल करें: PASS तरीका
पहले शोर मचाएँ और किसी से 101 या 112 पर फ़ोन करवाएँ। फिर देखें कि आग छोटी है (कूड़ेदान जितनी) और आपके पीछे बाहर निकलने का रास्ता खुला है। तब extinguisher उठाएँ और चार कदम याद रखें:
- P, Pull (पिन खींचें): ऊपर लगी सेफ़्टी पिन को घुमाकर बाहर खींचें। प्लास्टिक की सील टूट जाएगी।
- A, Aim (निशाना): नोज़ल या पाइप को आग की जड़ पर रखें, लपटों पर नहीं। पाउडर और फोम के लिए 2 से 3 मीटर दूर खड़े हों, CO2 के लिए 1 से 2 मीटर।
- S, Squeeze (लीवर दबाएँ): ऊपर का लीवर पूरा दबाएँ। 4 kg ABC सिर्फ़ 10 से 15 सेकंड चलता है, इसलिए पहले निशाना, फिर लीवर।
- S, Sweep (झाड़ू की तरह घुमाएँ): नोज़ल को आग की जड़ पर दाएँ-बाएँ घुमाएँ, पास वाले किनारे से दूर वाले किनारे तक। आग बुझने के बाद भी 15 मिनट तक नज़र रखें; तेल और कागज़ की आग दोबारा भड़कती है।
CO2 extinguisher चलाते समय हैंडल पकड़ें, हॉर्न नहीं। गैस की आग (LPG) में पहले रेगुलेटर बंद करें, फिर extinguisher चलाएँ, वरना बिना जली गैस कमरे में भरकर धमाका कर सकती है। रसोई के तेल पर K-type का घोल धीरे-धीरे ऊपर से गिरने दें, तेज़ धार न मारें। विस्तार से हमारी how to use fire extinguisher गाइड पढ़ें।
घर, दुकान या सोसाइटी के लिए कौन-सा खरीदें?
- घर या फ्लैट: रसोई के दरवाज़े के पास 2 kg या 4 kg ABC पाउडर, साथ में एक फायर ब्लैंकेट, और कार में 1 kg ABC।
- दुकान या छोटा ऑफिस: निकास के पास 4 kg ABC। सर्वर, इन्वर्टर या बड़ा पैनल है तो उसके पास 2 kg CO2।
- ऑफिस फ्लोर, क्लिनिक, शोरूम: 4 या 6 kg ABC इतने कि कोई भी 15 मीटर से ज़्यादा न चले (IS 2190 का नियम), और सर्वर व इलेक्ट्रिकल रूम में CO2 या clean agent।
- हाउसिंग सोसाइटी: हर फ्लोर और लिफ्ट लॉबी में ABC, मीटर रूम और जनरेटर पर CO2, EV चार्जर पर लिथियम extinguisher, पार्किंग और कूड़ाघर के पास फोम या पानी। बल्क ऑर्डर पेज पर फ्लोर-वार उदाहरण है।
- रेस्टोरेंट या कैंटीन: चूल्हे की लाइन पर K-type, निकास पर ABC, मेन पैनल पर CO2।
- फैक्ट्री या गोदाम: क्या रखा है उस पर निर्भर है। साइट विज़िट माँग लें, अंदाज़े से बेहतर है।
Extinguisher को ऐसी जगह लगाएँ जहाँ वह दिखे और हाथ पहुँचे: हैंडल का ऊपरी सिरा ज़मीन से 1.5 मीटर से ऊँचा न हो, दरवाज़े के पीछे या अलमारी के अंदर न हो। खरीदते समय ISI मार्क, IS 15683 नंबर, fire rating (जैसे 2A 21B), बनाने की तारीख और “चालू बिजली के उपकरण पर सुरक्षित” वाली लाइन ज़रूर देखें। सभी प्रकार और साइज़ के दाम price list पर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Fire extinguisher को हिंदी में क्या कहते हैं?
अग्निशामक यंत्र। बोलचाल में लोग इसे “आग बुझाने का सिलेंडर” या “fire extinguisher” ही कहते हैं।
Fire extinguisher कितने प्रकार के होते हैं?
भारत में सात प्रकार आम हैं: ABC ड्राई पाउडर, CO2, फोम, वॉटर, क्लीन एजेंट, वेट केमिकल (K-type) और लिथियम-आयन। धातु की आग के लिए Class D पाउडर आठवाँ प्रकार है, जो सिर्फ़ खास उद्योगों में मिलता है।
Fire extinguisher में कौन-सी गैस होती है?
ABC पाउडर वाले सिलेंडर में पाउडर को बाहर फेंकने के लिए नाइट्रोजन गैस भरी होती है। CO2 extinguisher में कार्बन डाइऑक्साइड गैस ही आग बुझाने का पदार्थ है। Clean agent में HFC-236fa जैसी गैस होती है।
ABC fire extinguisher का full form क्या है?
ABC कोई शब्द नहीं, आग के तीन वर्ग हैं जिन पर यह काम करता है: Class A (ठोस), Class B (तरल) और Class C (गैस)। इसके अंदर का पाउडर मोनो अमोनियम फॉस्फेट (MAP) है, जिसे DCP यानी dry chemical powder भी कहते हैं।
CO2 fire extinguisher का उपयोग कहाँ होता है?
बिजली के पैनल, मीटर रूम, सर्वर रैक, UPS, लिफ्ट मशीन रूम और जनरेटर के पास, क्योंकि यह कोई अवशेष नहीं छोड़ता और बिजली का संचालन नहीं करता। यह Class B (तेल, पेट्रोल) की छोटी आग पर भी काम करता है, लेकिन कागज़-लकड़ी (Class A) के लिए रेटेड नहीं है।
घर के लिए सबसे अच्छा fire extinguisher कौन-सा है?
2 kg या 4 kg ABC ड्राई पाउडर। यह घर में मिलने वाली ठोस, तरल और बिजली की आग, तीनों पर काम करता है, सबसे सस्ता है और चलाना आसान है। रसोई के लिए साथ में फायर ब्लैंकेट रखें।
Fire extinguisher की expiry कितनी होती है?
लेबल पर बनाने की तारीख और सर्विस की अवधि लिखी होती है। आम नियम: हर महीने नज़र से जाँच (गेज हरे में, पिन और सील लगी हो), साल में एक बार सर्विस, और सिलेंडर का हाइड्रो प्रेशर टेस्ट पाउडर के लिए हर 3 साल और CO2 के लिए हर 5 साल। एक बार चलाया हुआ extinguisher उसी दिन बदलें या रिफिल करवाएँ।
संदर्भ मानक: IS 2190 (पोर्टेबल अग्निशामक यंत्रों का चयन, स्थापना और रखरखाव) और IS 15683 (पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रकाशित।
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